14/05/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर हुए भू-धंसान ने न केवल सड़कों को जाम किया है, बल्कि केंदुआडीह राजपूत बस्ती के दर्जनों परिवारों के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है.गुरुवार शाम आयोजित एक प्रेस वार्ता में बस्ती के रैयतों ने अपनी व्यथा सुनाई और प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की.प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रैयत प्रतिनिधि रंजीत सिंह ने कहा कि केंदुआ में भू-धंसान के कारण मुख्य मार्ग बंद होने से केंदुआ बाजार और चेंबर से जुड़े सैकड़ों लोगों का व्यापार ठप हो गया है. राजपूत बस्ती के लगभग 40-50 घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं.लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं.रैयतों ने बताया कि 3 दिसंबर को ही उपायुक्त (डीसी), अंचल अधिकारी (पुटकी) और बीसीसीएल प्रबंधन को मुआवजे और पुनर्वास के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ है।रैयतों ने हाल ही में सोशल मीडिया पर विधायक राज सिन्हा से जुड़े एक वायरल वीडियो पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की.रंजीत सिंह ने बताया कि:वे स्वयं विधायक के पास समस्या लेकर गए थे.विधायक ने तत्काल बीसीसीएल सीएमडी से बात कर सकारात्मक रुख दिखाया.रंजीत सिंह ने यह वीडियो रैयतों को भरोसा दिलाने के लिए ग्रुप में डाला था, जिसे किसी शरारती तत्व ने गलत तरीके से वायरल कर विधायक की छवि धूमिल करने की कोशिश की।हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.विधायक जी ने केंदुआ के लिए अनशन तक किया है, उनके प्रयासों को गलत तरीके से पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है.उपायुक्त स्वयं ग्राउंड जीरो पर आकर रैयतों की स्थिति देखें.कई पीढ़ियों से रह रहे 50 परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान और उचित मुआवजा मिले.धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जल्द शुरू कराया जाए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटे.बैठक में मुख्य रूप से रंजीत सिंह,सदानंद बोस,दिनेश सिंह,सोलेन चंद्र बोस, विकास सिंह, संजय सिंह,संतोष सिंह,मनजीत सिंह,सागर पंडित,अमित सिंह,सुबोजीत सिंह,प्रदीप सिंह सहित अन्य रैयत उपस्थित थे.