06/02/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
पुटकी : करकेंद बाज़ार स्थित डैफोडिल्स एकाडेमी में दशम वर्ग के छात्र-छात्राओ का विदाई समारोह का आयोजन किया गया.कार्य -क्रम का शुभारंभ शंखध्वनि एवं माता वागेश्वरी की वंदना के साथ किया गया.तत्पश्चात वर्ग -नवम के छात्राओं ने अपने बड़े भाई -बहनों(वर्ग -दशम के विद्यार्थियों) को तिलक लगाकर, आरती उतारकर एवं पुष्प वृष्टि के साथ सुस्वागतम किय.इस अवसर पर वर्ग सप्तम से नवम तक के छात्र - छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की ऐसी प्रस्तुति की गई.जिससे उपस्थित जनमानस मंत्रमुग्ध हो गए तथा करतल ध्वनि से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया.सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य-संगीत,भाषण,नाटक
,चुटकुला आदि प्रमुख था.इस विदाई समारोह में दशम वर्ग के शत प्रतिशत छात्र-छात्रा (48 छात्र-छात्रा)उपस्थित थे.विद्यालय प्रबंधन के द्वारा वर्ग दशम के विद्यार्थियो को सुस्वादु व्यंजन एवं मिष्ठान खिलाकर आदर सत्कार किया गया.सभी छात्र-छात्राओ को आकर्षक उपहार दिया गया.इस मौके पर विद्यालय प्राचार्य तापस बनर्जी ने अपने सारगर्भित संबोधन में विद्यार्थियों कोअनुशान एवं वक्त की महता को विस्तार से बताया.उन्होंने अपने आशीर्वचन से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भविष्य में विद्यालय का नाम रौशन करने का आह्वान किया.विद्यालय प्राचार्य तापस बनर्जी आशा व्यक्त किए कि इस वर्ष भी छात्र-छात्राओ का परीक्षाफल शत प्रतिशत एवं संतोष जनक होगा.इस अवसर विद्यालय संस्थापक स्व -चंडी चरण बनर्जी (चंडी सर)भूत पूर्व गणित शिक्षक पुटकी उच्च विद्यालय पुटकी को भी याद किया गया एवं उन्हें नमन तथा भावभीनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई.दशम वर्ग के छात्र-छात्राओ ने भी इश सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य कला का प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया.कुछ छात्र-छात्राओ ने अपना अपना विचार व्यक्त किया एवं विद्यालय एवं शिक्षक-शिक्षिकाओ के साथ विताए हुए पल को याद करते हुए भाव विहल हो गए.शिक्षक गण एवं शिक्षिकाओं ने वर्ग दशम के छात्र गण एवं छात्राओं को आशीर्वचन के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना संदेश प्रेषित कर सजल नयन भावपूर्ण विदाई दिया. मंच का संचालन नवम वर्ग के छात्रा भुमि अग्रवाल एवं खुशी मधेशिया कर रही थी.कार्य -क्रम का समापन प्राचार्य तापस बनर्जी के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्र -गान के साथ किया गया.इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओ का सराहनीय योगदान रहा.