13/12/2025
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : धनबाद के केंदुआडीह के राज राजपूत बस्ती मुस्लिम बस्ती नया धौडा सहित कई स्थानों में जहरीली गैस रिसाव के 11 वें दिन बाद झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार गैस प्रभावित क्षेत्र एवं राहत शिविर में रह रहे पीड़ितों से स्थिति का जायजा लेने केंदुआडीह पहुंचे.मौके पर धनबाद विधायक राज सिंहा,बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, सहित धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन,एसएसपी प्रभात कुमार सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने केंदुआडीह गैस रिसाव से प्रभावितों के लिए लगाए गए शिविर में पीड़ितों से मुलाकात की.गैस रिसाव रोकने पर कार्य कर रहे योजना अधिकारियों से बात कर स्थिति का जायजा लिया.मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि केंदुआडीह गैस रिसाव की स्थिति से अवगत हुआ घटना गंभीर है.प्रभावित लोगों से भी बात की.स्थिति को देखते हुए सभी बातों का अवलोकन किया जाएगा. जो भी उचित कदम होगा उठाया जाएगा.लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है.धनबाद विधायक राज सिंहा ने कहा कि केंदुआडीह गैस रिसाव को लेकर सदन में सवाल उठाया हूं.एक उच्च स्तरीय कमिटी से जांच कराने की मांग किए है.हमारी चिंता है कि अगर अस्थयी तौर पर भी प्रभावितों को हटाया जाता है तो उनके रोजगार और मुआवजा पर बात हो.कोयला क्षेत्र केंद्र सरकार के अधीन है लेकिन यहां के स्थानीय रैयत और गैर रैयत के जीवन रक्षा के सवाल पर झारखंड सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए. सक्षम अधिकारी जन प्रतिनिधि के साथ प्रभावितों के प्रतिनिधि के साथ वार्ता हो ताकि लोगों के सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके.पिछले दस दिनों से केंदुआ में गैस रिसाव को रोकने पर कार्य किया जा रहा लेकिन पूर्ण सफलता नहीं मिली है. गैस रिसाव की घटना में दो महिला की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग प्रभावित हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है.बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा प्रभावितों के सुरक्षा को लेकर राहत शिविर भी बनाया गया है.जिसमें लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है.केंदुआडीह गैस रिसाव कांड को लेकर स्थानीय लोगों की अलग राय है जिसमें बीसीसीएल प्रबंधन पर षडयंत्र के तहत गैस रिसाव के आड़ में लोगों को उजाड़ना चाहती है और कोयला उत्खनन करना चाहती है.कहा जा रहा है कि स्थानीय लोगों को गैस का खतरा बता कर उन्हें विस्थापित किया जाएगा.फिलहाल प्रभावितों के विस्थापन को लेकर स्पष्ट स्थिति बीसीसीएल प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से नहीं बताया गया है.रोजगार मुहैया कराने को लेकर भी कोई ठोस योजना नहीं बनी है.ऐसे में केंदुआडीह गैस रिसाव से पीड़ित लोगों के बीच ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है.