03/11/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : मटकुरिया स्थित ऑफिसर्स क्लब में मंगलवार को बीसीसीएल के कुसुंडा क्षेत्र की त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक 2026-27 सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में कोयला खदानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, अवैध खनन पर अंकुश लगाने और श्रमिकों को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीएमएस के डीएमएस (माइनिंग), रीजन-1 टॉम मैथ्यू ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए खदानों में बाहरी एवं अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि माइनिंग क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश रोकने से अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और सुरक्षित खनन सुनिश्चित किया जा सकेगा।बैठक का आयोजन कुसुंडा क्षेत्र के क्षेत्रीय सुरक्षा विभाग की ओर से किया गया था। इसमें डीजीएमएस के अधिकारियों, बीसीसीएल प्रबंधन और विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. यूनियन प्रतिनिधियों ने खदानों में सुरक्षा संबंधी कमियों और श्रमिकों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा.वहीं डीजीएमएस ने सुरक्षा मानकों की निगरानी और जरूरी दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया. उठाए गए सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी प्रबंधन की ओर से लेने का भरोसा दिया गया.टॉम मैथ्यू ने बैठक के बाद चर्चा के प्रमुख बिंदुओं पर कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं.इनमें अवैध खनन की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग कराने का सुझाव प्रमुख है.इसके अलावा इलेक्ट्रिकल सुरक्षा से जुड़े मामले, कुछ सब-स्टेशनों की शिफ्टिंग और कर्मचारियों के आवागमन के लिए वाहनों की समुचित व्यवस्था करने की बात भी उठी.उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने सभी सुझावों को सकारात्मक रूप से लिया है और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने ठेका श्रमिकों को उचित वेतनमान देने, सभी कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराने, तीनों पालियों में हाजिरी का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने तथा एसओपी के अनुसार काम कराने की मांग रखी. इसके अलावा खदानों में आने-जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था, ऊंचाई पर काम करने के लिए निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइन का पालन और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया.प्रतिनिधियों ने कोलियरियों की अन्य गतिविधियों में भी सुरक्षा मानकों का पालन करने की जरूरत बताई।टॉम मैथ्यू ने कहा कि नए ओएसएच कोड और ओएसएच रूल्स आ चुके हैं.सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि इनका नियमानुसार पालन करें और खदानों को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं.उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा.खदान क्षेत्र में अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाने से अवैध खनन की घटनाओं को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी.बैठक में डीजीएमएस के डीएमएस माइनिंग रीजन-2 संजय कुमार जिम्मेदी, डीएमएस मैकेनिकल रीजन-1 संस्कारसाना बेहरा, डीडीएमएस माइनिंग रीजन-1 रौनक मंडल, डीडीएमएस माइनिंग रीजन-2 राहुल पुरोहित, डीडीएमएस माइनिंग डॉ. कटकुरी श्रीकंठ, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल रीजन-1 चित्रेश कर, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल रीजन-2 रूपेश सिंह मेहता और डीडीएमएस मैकेनिकल रीजन-2 एम. साथियामूर्ति शामिल हुए.बीसीसीएल मुख्यालय के जीएम (सेफ्टी एंड रेस्क्यू) तूनेश्वर पासवान, विक्रांत कुमार (माइनिंग), सोमेन रॉय (एक्सकेवेशन), शंभू शरण (ईएंडएम), कुसुंडा क्षेत्र के जीएम एनबी त्रिवेदी, जीएम एक्सकेवेशन एके सिंह, एरिया इंजीनियर अजय कुमार, एरिया सर्वे अधिकारी आशुतोष कुमार, एरिया एचआर हेड योगिता सकलानी, एरिया एनवायरनमेंट अधिकारी संजीव कुमार सहित विभिन्न कोलियरियों के अधिकारी उपस्थित थे।यूनियन प्रतिनिधियों में उमेश कुमार सिंह डीसीकेएस,शत्रुधन कुमार एआईटीयूसी, संजय विश्वकर्मा जेएमएस, ए के राय बीसीकेयू, शंभू पासवान इनमोसा, कृष्णा कन्हैया डीसीकेएस, राजेश कुमार केआईएमपी, मुकेश कुमार सीएमओ एआई आदि उपस्थित थे.