02/11/2026
धनबाद : बारामुड़ी खटाल में रह रहे गरीब परिवारों के विस्थापन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर अधिवक्ता सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मनोज यादव ने धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो पर निशाना साधते हुए कहा कि बारामुड़ी खटाल के लोगों को केवल आश्वासन, बयानबाजी और उपायुक्त महोदय के साथ फोटो सेशन से राहत मिलने वाली नहीं है। सांसद को जनता के बीच जाकर धरातल पर काम करके दिखाना चाहिए।मनोज यादव ने कहा कि बारामुड़ी खटाल, पांडरपाला सहित धनबाद के विभिन्न इलाकों में वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के घरों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो की जिम्मेदारी बनती है कि वे जनता के हित में ठोस और प्रभावी पहल करें। गरीब परिवारों के सिर से छत छिनने का खतरा कोई सामान्य विषय नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों के भविष्य और उनके परिवारों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मामला है।उन्होंने सांसद को पूर्व सांसद स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे के कार्यों से सीख लेने की सलाह देते हुए कहा कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना ही जनप्रतिनिधि की असली पहचान है। उन्होंने कहा, "धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो जी, जनता को उल्लू मत बनाइए! दम है तो पूर्व सांसद स्वर्गीय ददई दुबे जी की तरह जनता के बीच रहकर काम करके दिखाइए। केवल बयानबाजी और फोटो सेशन से गरीबों का भला नहीं होने वाला।मनोज यादव ने आगे कहा कि बारामुड़ी खटाल के लोग पिछले 21 वर्षों से अपने परिवार और मवेशियों के साथ वहां रह रहे हैं। ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाने का कोई भी प्रयास गरीब परिवारों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे प्रभावित परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझें और उनके पुनर्वास तथा भविष्य की व्यवस्था सुनिश्चित करें।उन्होंने सांसद ढुल्लू महतो से मांग की कि वे इस मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए गरीब परिवारों के आशियाने बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को मंच से दिए गए आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम चाहिए। गरीबों के अधिकारों और उनके आशियानों की रक्षा के लिए सांसद को सक्रिय पहल करनी चाहिए, ताकि वर्षों से बसे परिवारों को बेघर होने की नौबत का सामना न करना पड़े।