25/05/2026
रिपोर्ट : वरुण वैध
केंदुआ : पीबी एरिया के केंदुआडीह अंतर्गत गैस प्रभावित क्षेत्र ओल्ड जीएम बंगला परिसर में सोमवार को वैज्ञानिकों के निर्देश पर बोरिंग कार्य शुरू किया गया.दोपहर करीब तीन बजे विधिवत पूजा-अर्चना और नारियल फोड़ने के बाद बोर होल का कार्य आरंभ हुआ.अधिकारियों ने बताया कि बोर होल जमीन के नीचे 13नंबर सिम तक किया जाएगा.जिसकी गहराई करीब तीस मीटर तक है.जमीन के अंदर से जहरीली गैस को निकालने के लिए बोर होल वैज्ञानिकों के सुझाव पर किया जा रहा है.इसके बाद करीब 20 फीट ऊंचा पाइप लगाकर वेटिंग किया जाएगा. वैज्ञानिकों के निर्देश पर आगे भी बोरहोल किया जाएगा.इससे पूर्व बोरिंग कार्य शुरू होने से पहले पुटकी बलिहारी क्षेत्र के जीएम जीसी साहा, एजीएम एन राय और मैनेजर अजीत कुमार ने पुराने जीएम बंगला पहुंचे और जायजा लिया.गौरतलब है कि बीते दिसंबर में हुए गैस रिसाव के बाद पीएमआरसी,आईआईटी /आईएसएम,सिंफर,सीएमपीडीआई की संयुक्त वैज्ञानिकों की टीम लगी हुई है.पूर्व में भी 14और 13 नंबर सिम तक कई जगहों पर गैस प्रभावित क्षेत्र में करीब 8 जगह बोरिंग किया गया था.जिससे गैस के प्रभाव को कम करने के लिए नाइट्रोजन फ्लशिंग का कार्य भी किया गया था.पिछले महीने 15 अप्रैल को पुराने जीएम बंगला की चारदीवारी के नजदीक हुए भू-धंसान के कारण धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पहले डेढ़ से दो फीट और अब करीब चार से पांच फीट तक धंस चुका है.भू-धसान क्षेत्र के मुख्यमार्ग और बंगला के अंदर की दरारें बढ़ गई हैं.सुरक्षा के लिहाज से राजपूत बस्ती की ओर से और केंदुआपुल की ओर बांस बांधकर पोस्टर लगा रास्ते को बंद कर दिया गया है.लेकिन दुपहिया और छोटी गाड़ियां की आवाजाही बंगला के भीतर से जारी था.सोमवार को बोरिंग कार्य शुरू होने से पहले ही सुरक्षा कारणों से इस रास्ते को बंद कर दिया गया है.जीएम जीसी साहा ने कहा कि जहरीली गैस के प्रभाव और आगामी मानसून को देखते हुए वैज्ञानिकों के निर्देशानुसार वेंटिंग के लिए बोर होल किया जा रहा है.